फरीदाबाद न्यूज़ : सतोई में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड के विरोध में आज IIAF (IMT Industries Association Faridabad) ने पूर्व विधायक नैनपाल रावत तथा सतोई एवं आसपास के गांवों की सरदारी, गणमान्य नागरिकों और किसानों के साथ मिलकर माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन प्राप्त करने के तुरंत बाद केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर ने मामले का संज्ञान लेते हुए सभी को आश्वस्त किया कि सतोई में डंपिंग यार्ड नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे संबंधित अधिकारियों तथा हरियाणा सरकार से तत्काल बात करेंगे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि यह क्षेत्र फरीदाबाद का प्रवेश द्वार (Gateway) है। यहीं से जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को जाने वाला प्रमुख हाईवे गुजरता है तथा इसी स्थान पर महत्वपूर्ण इंटरचेंज भी स्थित है। इसके अतिरिक्त, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा घोषित लगभग 200 एकड़ का प्रस्तावित कमर्शियल हब भी इसी क्षेत्र में विकसित किया जाना है। ऐसे में यदि यहां डंपिंग यार्ड बनाया जाता है तो इससे फरीदाबाद की छवि धूमिल होगी, उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, निवेश प्रभावित होगा तथा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों और देश-विदेश से आने वाले लोगों के सामने शहर की नकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत होगी। इसलिए इस स्थान पर किसी भी कीमत पर डंपिंग यार्ड नहीं बनने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फरीदाबाद विकास और निवेश की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में शहर के प्रवेश द्वार पर डंपिंग यार्ड बनाना न तो विकास की दृष्टि से उचित है और न ही फरीदाबाद की प्रतिष्ठा के अनुरूप।
गौरतलब है कि पिछले कई दिनों से सतोई एवं आसपास के गांवों के ग्रामीणों में डंपिंग यार्ड को लेकर भारी असंतोष व्याप्त था। किसी स्तर पर स्पष्ट आश्वासन न मिलने के कारण क्षेत्र में चिंता और असमंजस का माहौल बना हुआ था। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर के स्पष्ट आश्वासन के बाद ग्रामीणों, किसानों तथा उद्योग प्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक नैनपाल रावत उपस्थित रहे। IIAF (IMT Industries Association Faridabad) की ओर से महासचिव रश्मि सिंह, कोषाध्यक्ष देवेंद्र गोयल, चेयरमैन बी.पी. दलाल, ब्लॉक लीडर अमित खन्ना एवं पुनीत गुप्ता उपस्थित रहे। इसके अलावा सतोई एवं आसपास के गांवों की सरदारी, क्षेत्र के गणमान्य नागरिक तथा सैकड़ों किसान भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।