नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर पहली बार खेले गए महिला टेस्ट मैच में यादगार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने न सिर्फ इंग्लैंड को करारी शिकस्त दी, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में भी अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।
भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन बनाए। स्मृति मंधाना ने 83 रन, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन और दीप्ति शर्मा ने 57 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। इसके जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी 169 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर 5 विकेट हासिल किए और लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज कराया।
दूसरी पारी में भारत ने यास्तिका भाटिया के शानदार 113 रन की बदौलत 7 विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की। इसके साथ ही इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा गया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। स्नेह राणा ने दूसरी पारी में 4 विकेट झटके, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी लगातार दबाव बनाए रखा। पूरी इंग्लैंड टीम 186 रन पर ऑलआउट हो गई और भारत ने 270 रन से ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।
यह मुकाबला लॉर्ड्स के इतिहास का पहला महिला टेस्ट मैच था। ऐसे प्रतिष्ठित मैदान पर भारत की यह जीत महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। टीम के इस प्रदर्शन की देश-विदेश में सराहना हो रही है और क्रिकेट विशेषज्ञ इसे भारतीय महिला क्रिकेट के लिए नए युग की शुरुआत मान रहे हैं।
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जीत के बाद टीम के सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया। वहीं, क्रिकेट प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर भारतीय टीम की इस ऐतिहासिक जीत का जमकर स्वागत किया।