नवीनतम पोस्ट

अमित शाह संसद में बोलने को तैयार, कांग्रेस की दलील ने बढ़ाई सियासी हलचल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में उठाए जा रहे

SBI रिपोर्ट: 8% की रफ्तार से बढ़ सकती है भारत की GDP, अमेरिका-चीन से आगे रहने का अनुमान

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

लैंडिंग से ठीक पहले इंडिगो फ्लाइट का बायां इंजन फेल, चेन्नई एयरपोर्ट पर मची इमरजेंसी

कोलकाता से चेन्नई आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-723 में

पूर्व CJI चंद्रचूड़ को रूस की बड़ी कानूनी लड़ाई की कमान, यूक्रेन के सरकारी बैंक से जुड़े विवाद में निभाएंगे अहम भूमिका

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस से

डिग्री अंत नहीं, सपनों की नई उड़ान की शुरुआत

शेयर करे :

फरीदाबाद। एसआरएम यूनिवर्सिटी के तृतीय दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति तक सीमित नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों, अनुशासन और समाजसेवा का संस्कार है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि डिग्री किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि एक नए जीवन पथ की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब वह जनहित में उपयोग हो। उपराष्ट्रपति ने स्नातक, परास्नातक एवं शोधार्थी विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं और समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत की शिक्षा प्रणाली में बड़े सुधार का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अब शिक्षा अधिक लचीली, बहु-विषयी और अनुसंधान-प्रधान हुई है, जिससे विद्यार्थी अपनी जिज्ञासा के अनुसार विषय चुन सकते हैं। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति श्रेणी के विद्यार्थियों का नामांकन 2018 के 15 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 27 प्रतिशत हो गया है, जबकि महिलाओं की भागीदारी 24.5 प्रतिशत से बढ़कर 28.1 प्रतिशत पहुंची है। ग्रामीण क्षेत्रों से नामांकन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देश समावेशी भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राधाकृष्णन ने बताया कि इस वर्ष वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भारत के 54 विश्वविद्यालय शामिल हुए हैं, जबकि 2016 में यह संख्या केवल 21 थी। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा का प्रमाण मिलता है।

कार्यक्रम में 25 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। साथ ही दो विशिष्ट व्यक्तित्वों—प्रो. अच्युत सामंत (संस्थापक, केआईआईटी एवं केआईएसएस विश्वविद्यालय) तथा उद्योगपति एसकेएम मायलानंधन (संस्थापक, एसकेएम समूह)—को समावेशी शिक्षा, सामाजिक उत्थान और नैतिक उद्यमिता में योगदान हेतु मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।

दीक्षांत समारोह में हरियाणा सरकार के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पवार, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडौली, चांसलर डॉ. रवि पचमुथु, उपाध्यक्ष पद्मप्रिय रवि तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) परमजीत सिंह जसवाल मौजूद रहे।

इसी दौरान जिले में सीएम फ्लाइंग और रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी टीम ने संयुक्त रूप से हाईवे पर चल रही निजी बसों और कैब पर कार्रवाई की। टीम ने तीन बसों और एक कैब पर 54 हजार रुपये का चालान किया।

Register Now

शेयर करे:

संबंधित पोस्ट

फरीदाबाद 10 अगस्त 2026: जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों के लिए ‘डिजाइनिंग एंड

रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। बड़ी संख्या

फरीदाबाद, 9 अगस्त। सी. दास ग्रुप के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. छबील दास भाटिया के जीवन, संघर्ष, विचारों और समाज सेवा की यात्रा को शब्दों में

पलवल । श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने युवाओं को रोज़गार के साथ जोड़ने के उद्देश्य से सुब्रोस कंपनी के साथ करार किया है। डिप्लोम ट्रेनिंग

हमसे संपर्क करें