फरीदाबाद : समाज के वंचित वर्गों तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन द्वारा पुस्तक दान अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में विक्टोरा के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बड़ी संख्या में उपयोगी एवं अच्छी स्थिति में पुरानी पुस्तकों का दान किया।

फाउंडेशन के निदेशक एस. एस. बांगा के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों और युवाओं को निःशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है, जिससे वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकें।
इस अवसर पर एस. एस. बांगा ने कहा, “पुस्तकें ज्ञान और अवसरों का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अक्सर लोग पुरानी किताबों को अनुपयोगी समझकर कबाड़ में बेच देते हैं, जबकि वही पुस्तकें किसी जरूरतमंद के लिए अमूल्य साबित हो सकती हैं। हमारा प्रयास है कि ये पुस्तकें सही हाथों तक पहुँचें और किसी के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँ।”
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में कागज़ का अत्यधिक उपयोग पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव डाल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक टन कागज़ के उत्पादन के लिए लगभग 17 पेड़ों की कटाई की जाती है, जबकि इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में पानी और ऊर्जा की खपत होती है। अनुमानतः एक टन कागज़ बनाने में करीब 26,000 लीटर पानी का उपयोग होता है, और इसके उत्पादन से कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ता है, जो प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करता है। ऐसे में पुरानी पुस्तकों का पुनः उपयोग न केवल पेड़ों की कटाई को कम करने में सहायक है, बल्कि कचरे को घटाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अभियान के तहत एकत्रित पुस्तकों को विभिन्न स्कूलों, पुस्तकालयों एवं जरूरतमंद समुदायों में वितरित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें। यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक कदम है, बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि पुरानी किताबों को कबाड़ में बेचने के बजाय उन्हें दान कर हम पर्यावरण और समाज दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक अभियानों के माध्यम से समाज के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।