केंद्रीय बजट 2026-27 भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत के लिए एक सुविचारित, दूरदर्शी और विकास-केंद्रित बजट के रूप में सामने आया है। इस बजट में उद्योग, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम), विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे के साथ-साथ निर्यात को प्रोत्साहन देने की स्पष्ट प्राथमिकता दिखाई देती है, जिससे “मेक इन इंडिया” जैसी राष्ट्रीय पहलों को नई गति मिलेगी।फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफ आई ए) के पूर्व प्रधान व सी दास के चेयरमैन श्री बी.आर. भाटिया ने कहा कि बजट में निर्यात-उन्मुख उद्योगों के लिए आधारभूत ढांचे के विकास, परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सुधार, तकनीकी उन्नयन और वित्तीय सहयोग पर दिए गए जोर से भारतीय उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और एमएसएमई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि निर्यात से जुड़े उद्योगों को नए बाजारों तक पहुंच, लागत में कमी और व्यापार प्रक्रियाओं को सरल बनाने में भी सहायक सिद्ध होगा। इससे विदेशी मुद्रा अर्जन बढ़ेगा, उद्यमियों और निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा तथा रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।