ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद का प्रशासन स्पष्ट करता है कि कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अनुसार ईएसआई अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं केवल ईएसआई योजना के अंतर्गत पंजीकृत बीमित व्यक्तियों (Insured Persons) तथा ईएसआईसी के नियमित स्थायी कर्मचारियों को ही उपलब्ध हैं, जो नियमानुसार वेतन से अंशदान करते हैं। संविदा पर कार्यरत सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट, बॉन्ड पर पीजी रेजिडेंट तथा बॉन्ड पर जूनियर रेजिडेंट इन सुविधाओं के पात्र नहीं हैं। ईएसआईसी अस्पताल श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत हैं तथा इनका संचालन पूर्णतः नियोक्ता-कर्मचारी अंशदान से होता है। प्रत्येक बीमित व्यक्ति को एक विशिष्ट 10 अंकों का बीमा नंबर प्रदान किया जाता है।प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ मामलों में अपात्र व्यक्तियों द्वारा चिकित्सा सुविधाओं का दुरुपयोग किए जाने के प्रयास हुए हैं। ऐसे मामलों में फर्जी ईएसआई कार्ड के माध्यम से सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं, दवाइयां तथा लैब जांच कराई गईं। एक बीमित व्यक्ति द्वारा औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है कि उनके ईएसआई कार्ड का 03 नवंबर 2025 एवं 17 दिसंबर 2025 को बिना उनकी जानकारी के उपयोग किया गया। इस संबंध में अस्पताल प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को सख्त करते हुए स्थानीय पुलिस में दो शिकायतें दर्ज कराई हैं।भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु मरीज पंजीकरण, जांच, पर्ची एवं भर्ती प्रक्रियाओं की निगरानी को और मजबूत किया गया है। दिनांक 31 दिसंबर 2025 को यह भी पाया गया कि एक पीजी छात्र द्वारा बिना किसी निदान, क्लिनिकल जांच अथवा जांच रिपोर्ट के, अन्य पीजी छात्र के लिए लगभग दो माह की दवाइयों का पर्चा जारी किया गया, जो संस्थागत नियमों एवं मानक चिकित्सीय प्रक्रिया के विपरीत है।दिनांक 05 जनवरी 2026 को कुछ सीनियर रेजिडेंट एवं बॉन्ड पर कार्यरत जूनियर रेजिडेंट्स द्वारा चिकित्सा सुविधाओं की मांग को लेकर हड़ताल की गई, जिससे कुछ समय के लिए सेवाएं प्रभावित हुईं। पिछले दो वर्षों में यह रेजिडेंट डॉक्टरों की चौथी हड़ताल है। मरीजों की देखभाल सुनिश्चित करने हेतु दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अन्य ईएसआईसी अस्पतालों से अस्थायी रूप से डॉक्टरों की तैनाती की गई।अस्पताल प्रशासन सकारात्मक संवाद के माध्यम से मुद्दों के समाधान एवं चिकित्सकीय सेवाओं की शीघ्र बहाली के लिए प्रतिबद्ध है तथा रोगी हित सर्वोपरि है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद पारदर्शी, कानूनी एवं नैतिक प्रशासन के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और ईएसआई अधिनियम, 1948 एवं ईएसआईसी मुख्यालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन करता रहेगा।