जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में शुक्रवार को सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर जमकर हंगामा हो गया। रामपुरा-कंवरपुरा गांव में स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति बन गई। CJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की गई और उनकी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी CJP की टीम
CJP इन दिनों राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत पार्टी के कार्यकर्ता रामपुरा-कंवरपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की स्थिति देखने पहुंचे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी इमारत की हालत इतनी खराब है कि वहां बच्चों को पढ़ाना मुश्किल है। फिलहाल गांव के एक बड़े भवन में दो कमरों में करीब 20-30 बच्चों को पढ़ाए जाने की बात सामने आई है।
CJP का दावा है कि बच्चों को भैंसों के तबेले जैसी जगह में पढ़ना पड़ रहा है और इसी मुद्दे को सामने लाने के लिए टीम स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी।
गांव पहुंचते ही शुरू हुआ विरोध
CJP कार्यकर्ताओं के गांव पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रामीणों ने टीम को स्कूल की ओर जाने से रोका और नारेबाजी की। इसके बाद तनाव बढ़ गया और टीम को वापस जाने के लिए कहा गया।
बाद में CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका भी मौके पर पहुंचे। रांका के पहुंचने के बाद भी विरोध जारी रहा और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ का आरोप
CJP की ओर से आरोप लगाया गया है कि उनके कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। कुछ रिपोर्ट्स में गाड़ियों के शीशे टूटने, पत्थरबाजी और टीम को गांव से खदेड़ने की बात भी सामने आई है।
CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विरोध करने वाले लोग सामान्य ग्रामीण नहीं बल्कि भाजपा की ओर से भेजे गए लोग थे। उन्होंने इस घटना के लिए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने भी बताई अपनी वजह
दूसरी तरफ ग्रामीणों का कहना है कि वे स्कूल की खराब हालत से खुद परेशान हैं, लेकिन वे बाहरी राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा गांव में आकर इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने के खिलाफ हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल की इमारत लंबे समय से जर्जर है और नए भवन की जरूरत है। उनका दावा है कि स्कूल के लिए बजट का आश्वासन मिलने के बावजूद निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
यानी इस पूरे विवाद की जड़ में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति और उसके निरीक्षण को लेकर CJP तथा स्थानीय ग्रामीणों के बीच टकराव सामने आ रहा है।
शिक्षा विभाग के आदेश के बाद बढ़ा विवाद
यह घटना ऐसे समय हुई है जब राजस्थान में सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश और फोटो-वीडियोग्राफी को लेकर शिक्षा विभाग के निर्देश पहले ही चर्चा में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विभाग ने स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश और बिना अनुमति फोटो-वीडियो बनाने को लेकर नियम जारी किए हैं। CJP ने इन प्रतिबंधों के बावजूद अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को जारी रखने की बात कही थी।
अब आगे क्या?
फिलहाल रामपुरा-कंवरपुरा गांव में हुए इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। CJP ने हमले के लिए भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि ग्रामीणों ने CJP के गांव में आने का विरोध किया है।
घटना में मारपीट और गाड़ियों में तोड़फोड़ के आरोपों की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ होगी। फिलहाल सामने आई रिपोर्टों में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में मारपीट, राजनीतिक साजिश और हमले से जुड़े आरोप संबंधित पक्षों के दावों एवं मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि को अंतिम तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
स्थान: जयपुर, राजस्थान
तारीख: 21 अगस्त 2026