स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान, नाम, अतीत और मंशा पर विदेशी मीडिया में ये अहम बातें

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान को लेकर अब अहम जानकारी सामने आई है। अमेरिकी और भारतीय मीडिया में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी को-पायलट का नाम हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) बताया जा रहा है। वह ओमान का नागरिक है और फिलहाल मामले की अंतरराष्ट्रीय जांच चल रही है।
कौन है हमाम अल-हमामी?
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, तीन सूत्रों ने पहचान की पुष्टि करते हुए बताया कि फ्लाईदुबई के को-पायलट का नाम हमाम अल-हमामी है और वह ओमानी नागरिक है। सूत्रों के मुताबिक जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि उसने अकेले ऐसा किया या उसका किसी चरमपंथी संगठन से संबंध था।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हमामी पहले Oman Air से जुड़ा था और करीब सात साल तक वहां काम करने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद उसे फ्लाइट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। इसके बाद उसे प्रशासनिक भूमिका में काम करने की अनुमति दी गई थी।
2024 में सामने आया था सुरक्षा से जुड़ा मामला
ABC News ने अमेरिकी खुफिया और कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के हवाले से बताया कि अल-हमामी जब 2024 में Oman Air में को-पायलट ट्रेनी था, तब उसके पास कथित तौर पर extremist materials मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक उसे एक साल के लिए उड़ान से हटाया गया था, लेकिन बाद में एयरलाइन में प्रशासनिक भूमिका में काम करने दिया गया।
इसके बाद वह फ्लाईदुबई से जुड़ा। विदेशी रिपोर्टों में इस बात को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि अगर उसके पिछले रिकॉर्ड को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो वह दोबारा कॉकपिट तक कैसे पहुंचा। इस पहलू की जांच अभी जारी है।
फ्लाइट में आखिर क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे गिरा और कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर आरोपी को काबू किया। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
मंशा को लेकर क्या सामने आया?
आरोपी की वास्तविक मंशा अभी जांच का विषय है। इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि को-पायलट विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था और उसके कथित तौर पर चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की जांच की जा रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी उसके कथित इस्लामिस्ट रेडिकलाइजेशन की बात कही है, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसका विस्तृत सबूत पेश नहीं किया गया है।
कुछ रिपोर्टों में उसके सामान से ‘Free Palestine’ से जुड़े पर्चे और प्रो-फिलिस्तीनी सामग्री मिलने का दावा भी किया गया है। यह जानकारी इजरायली मीडिया रिपोर्टों के हवाले से सामने आई है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
वहीं, ईरान से किसी कथित कनेक्शन को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में इसे स्थापित तथ्य नहीं बताया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने अकेले कार्रवाई की या इसके पीछे कोई संगठन अथवा बाहरी मदद थी।
UAE कर रहा है मामले की जांच
संयुक्त अरब अमीरात ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई आतंकवादी गतिविधि, पूर्व नियोजित योजना या किसी बाहरी पक्ष का निर्देश था या नहीं। UAE अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी फैलाने से बचने की अपील भी की है।
फिलहाल हमाम अल-हमामी की पहचान और उसके कथित पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी कई विदेशी मीडिया रिपोर्टों में सामने आई है, लेकिन उसकी अंतिम मंशा और किसी संगठन से संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।