PM मोदी से मुलाकात के बाद जमीन विवाद में राहत, BJP विधायक नरेंद्र मेहता ने छोड़ा कब्जा
मुंबई/भायंदर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिनों बाद उनके पुराने स्कूलमेट असगर अली वोरा को लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में राहत मिली है। महाराष्ट्र के BJP विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी ने विवादित जमीन से कब्जा छोड़ने और उस प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति को सरेंडर करने की बात कही है।
असगर अली वोरा ने 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भायंदर स्थित अपनी जमीन से जुड़े विवाद की शिकायत की थी। वोरा का दावा था कि उनकी करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया है। उन्होंने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग के साथ जांच की मांग भी उठाई थी।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्टों के मुताबिक, असगर अली वोरा ने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके में करीब 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। वोरा का आरोप है कि बाद में इस जमीन पर बिल्डर्स से जुड़ा विवाद खड़ा हुआ और उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इस मामले में BJP विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स का नाम भी सामने आया।
वोरा ने 8 सितंबर को पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान इस पूरे विवाद की जानकारी दी थी। इसके बाद मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी बैठक हुई।
विधायक ने क्या कहा?
मंगलवार को हुई बैठक के दौरान नरेंद्र मेहता ने टाउन प्लानिंग विभाग को पत्र देकर विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और वहां मिली निर्माण अनुमति को सरेंडर करने की जानकारी दी। उन्होंने असगर अली वोरा के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात भी कही। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता होने की बात सामने आई है।
इस मामले में जमीन पर कब्जे को लेकर लगाए गए आरोपों को अलग-अलग पक्षों के दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। उपलब्ध रिपोर्टों में विधायक पक्ष की ओर से जमीन के संबंध में अलग दावा भी सामने आया है।
8 दिन पहले PM से की थी शिकायत
असगर अली वोरा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में साथ पढ़े थे। 8 सितंबर को हुई मुलाकात के करीब एक सप्ताह बाद विवादित जमीन से कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने की घोषणा सामने आई है।