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Holi 2026: होलिका दहन का सही समय आ गया, जानें 2 मार्च की रात कब करें पूजा

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होलिका दहन 2026: 2 मार्च की रात 7:57 बजे के बाद रहेगा शुभ मुहूर्त, भद्रा काल का रखें विशेष ध्यान

धर्म डेस्क /चाणक्य लाइव न्यूज़ , 1 मार्च 2026। हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहार होली से एक दिन पहले होने वाले होलिका दहन का शुभ मुहूर्त इस वर्ष 2 मार्च 2026, सोमवार को रात्रि 7:57 बजे के बाद रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार भद्रा काल समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन करना शुभ माना गया है।
ज्योतिषाचार्य आचार्य गौरव सहाय के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को शाम 5:57 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि भद्रा काल 3 मार्च, मंगलवार को प्रातः 5:31 बजे समाप्त होगा। ऐसे में होलिका दहन का सबसे शुभ समय 2 मार्च की रात 7:57 बजे के बाद से माना गया है।
भद्रा काल में होलिका दहन वर्जित
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। विशेष रूप से होलिका दहन इस अवधि में नहीं किया जाता, क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही विधि-विधान से पूजा और दहन करना चाहिए।
भद्रा के 12 नामों का स्मरण करना शुभ
धार्मिक ग्रंथों में भद्रा के 12 नामों का स्मरण विशेष फलदायी बताया गया है। ये नाम हैं—
धन्या, दधिमुखी, भद्रा, महामारी, खरानना, कालरात्रि, महारूद्रा, विष्टि, कुलपुत्रिका, भैरवी, महाकाली और असुरक्षयकरी।
मान्यता है कि जो व्यक्ति प्रातःकाल इन नामों का स्मरण करता है, उसे रोग, भय और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है तथा उसके सभी कार्य सफल होते हैं।
हवन और पूजा का विशेष महत्व
धार्मिक परंपरा के अनुसार भद्रा के इन नामों से 108 बार हवन करना चाहिए। पूजन के अंत में निम्न मंत्र से प्रार्थना करना शुभ माना गया है—
“छायासूर्यसुते देवि विष्टिरिष्टार्थ सिद्धिदा।
शान्तिं कुरु मम नित्यं, सर्वकार्येषु सर्वदा॥”
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होलिका दहन
होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन लोग विधि-विधान से पूजा कर अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर करने और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
विशेषज्ञों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन करें और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए इस पर्व को आस्था और उत्साह के साथ मनाएं।

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