नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई और देखते ही देखते पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया। इस हादसे में कई लोग मलबे में दब गए, जबकि राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
हादसे से जुड़ी एक बेहद डरावनी बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि 18 साल की सना ने इमारत को लेकर पहले ही आशंका जताई थी कि ‘बिल्डिंग गिर जाएगा क्या?’ लेकिन किसी ने शायद नहीं सोचा था कि उसका डर इतनी जल्दी हकीकत बन जाएगा। हादसे के बाद जब छात्रों ने अपने दोस्तों को मलबे में फंसा देखा तो मौके का मंजर देखकर लोगों की रूह कांप गई।
सत्य निकेतन में गिरी इमारत में बड़ी संख्या में छात्र रहते थे। हादसे के बाद आसपास के छात्रों और स्थानीय लोगों में भी दहशत फैल गई। चश्मदीदों के मुताबिक, इमारत गिरने के बाद लोग अपने स्तर पर भी मलबा हटाने और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोशिश करते नजर आए। इसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान चलाया गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत के बेसमेंट में काम चल रहा था और इसी दौरान संरचना कमजोर होने की आशंका जताई गई। हादसे के बाद इमारत के निर्माण, रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामले में इमारत के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
यह हादसा एक बार फिर दिल्ली में छात्रों के लिए चल रहे पीजी और किराये की इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जांच के बाद ही हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।