बिजली निगम के सिस्टम पर सवाल, एक ही परिवार के नाम पर 25 मीटर का दावा
फरीदाबाद: बिजली निगम की कार्यप्रणाली को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभाग के रिकॉर्ड और सिस्टम की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दावा है कि एक ही परिवार के नाम पर करीब 25 बिजली मीटर दर्ज हैं। मामला सामने आने के बाद बिजली कनेक्शनों की रिकॉर्डिंग और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एक परिवार के नाम पर इतने कनेक्शन कैसे?
जानकारी के मुताबिक, एक ही परिवार से जुड़े नाम पर बड़ी संख्या में बिजली मीटर दर्ज होने की बात सामने आई है। सामान्य तौर पर एक ही परिसर में बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए अलग यूनिट, अलग प्रवेश और अलग आंतरिक वायरिंग जैसी शर्तें लागू होती हैं। हरियाणा की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में एक परिसर में कनेक्शन से जुड़े नियम निर्धारित हैं।
ऐसे में यदि वास्तव में एक ही परिवार के नाम पर 25 मीटर दर्ज हैं, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि इन कनेक्शनों का सत्यापन किस आधार पर किया गया और निगम के रिकॉर्ड में इन्हें किस तरह दर्ज किया गया।
फैमिली आईडी और बिजली रिकॉर्ड की मैपिंग भी सवालों में
हरियाणा में बिजली कनेक्शन और फैमिली आईडी (PPP) के रिकॉर्ड में अंतर से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए सरकार ने पोर्टल पर बिजली कनेक्शन संबंधी सुधार/शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी शुरू की है।
वहीं, हालिया रिपोर्टों में फैमिली आईडी और बिजली बिल की मैपिंग से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी होने की बात भी सामने आई है।
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
25 मीटर एक ही परिवार के नाम पर दर्ज होने का दावा कितना सही है, यह संबंधित बिजली निगम के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि रिकॉर्ड में ऐसी गड़बड़ी की पुष्टि होती है, तो कनेक्शन जारी करने और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया की जांच जरूरी होगी।
अब देखना होगा कि बिजली निगम इस मामले की जांच कराता है या नहीं और रिकॉर्ड में दर्ज कनेक्शनों को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।