प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर उठे सवाल, शिष्य की मौत के बाद सामने आए लापता होने के मामले

मथुरा/वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े वृंदावन के आश्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों में कई सवाल उठे हैं। एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच के बीच अब एक युवक के आश्रम में रहने और परिजनों को उसकी जानकारी न मिलने का मामला सामने आया है। इसके अलावा एक युवती और आश्रम के बाहर ढाबे पर काम करने वाली महिला के 10 वर्षीय बेटे के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन सभी घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
शिष्य की मौत के बाद बढ़ी चर्चा
25 सितंबर को प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन में चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सामने आए CCTV फुटेज में दीपक छत पर कुछ देर बैठे नजर आते हैं और इसके बाद नीचे गिरते दिखाई देते हैं। पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
मामले में फॉरेंसिक जांच भी चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, पसलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटों की बात सामने आई है।
तीन महीने से लापता था अनुज, आश्रम में मिला
इसके बाद हाथरस के सादाबाद निवासी अनुज चौधरी का मामला सामने आया। परिजनों के मुताबिक, अनुज करीब तीन महीने पहले प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के लिए वृंदावन आया था और इसके बाद परिवार से उसका संपर्क नहीं हो पाया।
परिजनों ने आश्रम के बाहर धरना देकर आरोप लगाया कि उन्हें अनुज के बारे में जानकारी नहीं दी गई और उनसे मिलने भी नहीं दिया गया। बाद में आश्रम प्रबंधन की ओर से अनुज के आश्रम परिसर में मौजूद होने की जानकारी सामने आई।
नोएडा की युवती और 10 साल के बच्चे का मामला भी सामने आया
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, आश्रम के लिए नोएडा से आई एक युवती के लापता होने की जानकारी उसके पिता ने दी है। वह अपनी बेटी की तलाश में वृंदावन पहुंचे हैं।
इसी तरह आश्रम के बाहर एक ढाबे पर काम करने वाली महिला ने अपने 10 वर्षीय बेटे वंश के गायब होने की जानकारी दी। महिला के अनुसार, वह कुछ दिनों के लिए गांव गई थी और बेटे को ढाबे पर छोड़ गई थी। वापस लौटने पर बच्चा वहां नहीं मिला।
आश्रम की व्यवस्थाओं में भी बदलाव
शिष्य की मौत के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं में बदलाव की रिपोर्ट भी सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, 1 अक्टूबर से अंतिम दीक्षा समारोह और प्रेमानंद महाराज के साथ निर्धारित व्यक्तिगत मुलाकातों को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
फिलहाल अलग-अलग मामलों की जांच और तथ्यों की पुष्टि का इंतजार है। इन घटनाओं को जोड़कर किसी साजिश या अपराध का निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।