जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच वॉशिंगटन में प्रदर्शन, लगे ‘फ्री तिब्बत’ और ‘फ्री हॉन्ग-कॉन्ग’ के नारे
वॉशिंगटन: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के बीच राजधानी वॉशिंगटन में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। व्हाइट हाउस और चीनी दूतावास के आसपास जुटे प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत, हॉन्ग-कॉन्ग, शिनजियांग और ताइवान से जुड़े मुद्दों को उठाया। प्रदर्शन के दौरान तिब्बती झंडे और दलाई लामा की तस्वीर वाले पोस्टर भी दिखाई दिए।
व्हाइट हाउस के बाहर गूंजे विरोध के नारे
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के सामने लाफायेट पार्क के आसपास प्रदर्शन किया। इस दौरान ‘फ्री तिब्बत’, ‘फ्री हॉन्ग-कॉन्ग’ और ‘Xi Jinping, You Are Not Welcome’ जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों में तिब्बत समर्थक समूहों के साथ हॉन्ग-कॉन्ग लोकतंत्र समर्थक, चीनी लोकतंत्र समर्थक और अन्य मानवाधिकार समूहों से जुड़े लोग शामिल थे। कई प्रदर्शनकारी तिब्बती झंडे और आजादी व लोकतंत्र से जुड़े बैनर लेकर पहुंचे थे।
दलाई लामा की तस्वीरें और तिब्बती झंडे
प्रदर्शन के दौरान दलाई लामा की तस्वीरों वाले पोस्टर और तिब्बती झंडे भी नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत में धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। रेडियो फ्री एशिया के मुताबिक, तिब्बती कार्यकर्ताओं ने चीन की नीतियों और जुलाई में पारित ‘एथनिक यूनिटी लॉ’ को लेकर भी विरोध जताया।
चीनी दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन
जिनपिंग के व्हाइट हाउस पहुंचने से पहले प्रदर्शनकारियों का एक समूह चीनी दूतावास के बाहर भी जुटा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शहर में मार्च किया। आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन का मकसद तिब्बत और चीन से जुड़े मानवाधिकार मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखना था।
जिनपिंग के समर्थन में भी जुटे लोग
वॉशिंगटन में सिर्फ चीन विरोधी प्रदर्शन ही नहीं हुए। एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, जिनपिंग के समर्थन में भी करीब 200 लोग उनके ठहरने वाले होटल के बाहर जुटे। इन लोगों ने चीनी और अमेरिकी झंडे लहराए और जिनपिंग के स्वागत में नारे लगाए।
ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात के बीच प्रदर्शन
शी जिनपिंग 24 सितंबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर वॉशिंगटन पहुंचे। व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह दौरा एक औपचारिक स्टेट विजिट था, जिसमें दोनों नेताओं के बीच मुलाकात और स्टेट डिनर भी आयोजित किया गया।
जिनपिंग की यात्रा के दौरान हुए प्रदर्शनों ने अमेरिका-चीन संबंधों के साथ-साथ तिब्बत, हॉन्ग-कॉन्ग, शिनजियांग और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया।