नई दिल्ली। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों से सख्ती से निपटने के लिए कानून को और कठोर बनाने वाले संशोधन को मंजूरी दे दी है।नए प्रावधानों के तहत संगठित तरीके से पेपर लीक कराने, उसकी साजिश रचने या इसमें शामिल पाए जाने वाले दोषियों को अधिकतम 10 वर्ष तक की कैद और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ रोकना है।सरकार के अनुसार, पेपर लीक जैसे अपराधों में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। संशोधित विधेयक को जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।सरकार का मानना है कि इस फैसले से NEET, JEE, CUET, UPSC सहित अन्य सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को और मजबूत किया जा सकेगा तथा अभ्यर्थियों का विश्वास भी बढ़ेगा।