हरियाणा में रबी सीजन के लिए गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी। यह जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने दी। उन्होंने बताया कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं।
मंत्री राजेश नागर ने बताया कि राज्य में 416 मंडियां और खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी। इन केंद्रों पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हरियाणा राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ (हैफेड), हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन तथा भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूं की खरीद की जाएगी।
ई-खरीद पोर्टल को किया गया अपग्रेड
मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए ई-खरीद पोर्टल को अपग्रेड किया गया है। इसमें कई नए प्रावधान जोड़े गए हैं ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
वाहनों की फोटो और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
रबी खरीद सीजन 2026-27 के दौरान मंडियों और खरीद केंद्रों में गेहूं लेकर आने वाले वाहनों की आवक गेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के साथ फोटो कैप्चर की जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन नंबर वाले वाहनों को आवक गेट पास जारी नहीं किया जाएगा।
मंडियों को किया गया जियो-फेंस
सरकार ने सभी मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंस किया है। इसके तहत खरीद प्रक्रिया के सभी चरण जैसे आवक गेट पास, बोली और आई-फॉर्म आदि मंडी परिसर में ही जारी किए जाएंगे।
मंत्री राजेश नागर ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसानों को अपनी उपज की बिक्री में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।