दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट की जांच अब फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी तक पहुंच गई है। विश्वविद्यालय के 200 से अधिक डॉक्टरों और कर्मचारियों से एजेंसियां लगातार पूछताछ कर रही हैं। 18 नवंबर को कुछ कर्मचारी सामान लेकर परिसर से बाहर जाते दिखाई दिए, जिन्हें बताया गया कि वे छुट्टी लेकर अपने घर लौट रहे हैं।
दिल्ली ब्लास्ट में घायल कई लोग अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। जांच एजेंसियां अब तक करीब 1,000 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं, जिनमें फाइनेंस और एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के लोग भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, इस ग्रुप से जुड़ी 9 शेल कंपनियों का रजिस्ट्रेशन एक ही पते पर मिला है।
जांच के दौरान एक 35 वर्षीय महिला का नाम भी सामने आया है, जो नूह की रहने वाली है। उसने संदिग्ध डॉक्टर उमर को हिदायत कॉलोनी में कमरा किराए पर दिया था। यह महिला एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बताई जा रही है और ब्लास्ट के बाद से फरार बताई जा रही है।
लाल किला विस्फोट में डॉक्टरों के नाम आने के बाद यूनिवर्सिटी से जुड़े अस्पताल में मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि क्या आतंकी उमर को यूनिवर्सिटी के भीतर किसी का सहयोग मिल रहा था, जिसके चलते उसे विशेष सुविधाएं प्राप्त थीं।