राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग/एनडीए) के प्रमुख घटक दलों ने बुधवार को अपने-अपने विधायक दल का नेता चुन लिया, जिससे बिहार में नई सरकार गठन का मार्ग लगभग स्पष्ट हो गया है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री आवास में आयोजित हुई, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को नेता चुना। जदयू के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि विधायक दल ने एकमत से नीतीश कुमार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है और गठबंधन सरकार का नेतृत्व वही करेंगे।
उधर, भाजपा की विधायकों की बैठक में पार्टी ने वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना। बैठक के बाद केंद्रीय पर्यवेक्षक और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।
मौर्य ने कहा कि दोनों दलों में नेता चुने जाने के बाद अब एनडीए के घटक दलों की संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से राजग विधायक दल का नेता चुने जाने की पूरी उम्मीद है। इसके तुरंत बाद राजग का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेगा।
सूत्रों के अनुसार, संयुक्त बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने सहयोगियों के साथ राजभवन जाएंगे और औपचारिक तौर पर सरकार गठन का दावा प्रस्तुत करेंगे। इसी के साथ शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ भी तेजी से जारी हैं।
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इनमें भाजपा को 89, जदयू को 85, लोजपा (रामविलास) को 19, हम को 5 और रालोमो को 4 सीटें मिली हैं। भाजपा पहली बार बिहार विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है।
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