नवीनतम पोस्ट

अमित शाह संसद में बोलने को तैयार, कांग्रेस की दलील ने बढ़ाई सियासी हलचल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में उठाए जा रहे

SBI रिपोर्ट: 8% की रफ्तार से बढ़ सकती है भारत की GDP, अमेरिका-चीन से आगे रहने का अनुमान

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

लैंडिंग से ठीक पहले इंडिगो फ्लाइट का बायां इंजन फेल, चेन्नई एयरपोर्ट पर मची इमरजेंसी

कोलकाता से चेन्नई आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-723 में

पूर्व CJI चंद्रचूड़ को रूस की बड़ी कानूनी लड़ाई की कमान, यूक्रेन के सरकारी बैंक से जुड़े विवाद में निभाएंगे अहम भूमिका

भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस से

BRS विधायकों की अयोग्यता पर अदालत का हस्तक्षेप: तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष को अवमानना नोटिस

शेयर करे :

उच्चतम न्यायालय ने सत्तारूढ़ कांग्रेस में शामिल हुए भारत राष्ट्र समिति (BRS) के 10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने के उसके निर्देश का पालन नहीं करने पर सोमवार को तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया। प्रधान न्यायाधीश B.R गवई की अध्यक्षता वाली शीर्ष अदालत की पीठ ने 31 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष को बीआरएस के 10 विधायकों की अयोग्यता के मामले में 3 महीने के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने BRS नेताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर अध्यक्ष और अन्य को नोटिस जारी करते हुए उसके पहले के निर्देशों का पालन नहीं करने को घोर अवमानना करार दिया।

हालांकि, पीठ ने तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष और अन्य को अगले आदेश तक व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दे दी। पीठ ने विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय की ओर से दायर एक अलग याचिका पर भी नोटिस जारी किया जिसमें अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करने के लिए 8 सप्ताह का और समय बढ़ाने का अनुरोध किया गया था। विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से वकील श्रवण कुमार के साथ उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी और अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उन्होंने समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। एक वकील ने बताया कि 4 अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और 3 मामलों में साक्ष्य दर्ज करने का काम पूरा हो चुका है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, यह पूरी हो जानी चाहिए थी… यह घोर अवमानना है… यह उन्हें तय करना है कि वे नया साल कहां मनाना चाहते हैं। पीठ ने अब मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद करना तय किया है।
रोहतगी ने पीठ को आश्वासन दिया कि वह व्यक्तिगत रूप से विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय को न्यायालय की भावनाओं से अवगत कराएंगे और उम्मीद है कि चार हफ्ते में फैसला ले लिया जाएगा। शीर्ष अदालत ने 10 नवंबर को तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अवमानना कार्वाई के अनुरोध वाली याचिका पर 17 नवंबर को सुनवाई करने पर सहमति जताई थी।

यह अवमानना याचिका बीआरएस नेताओं केटी रामाराव, पाडी कौशिक रेड्डी और केओ विवेकानंद द्वारा दायर कई रिट याचिकाओं पर प्रधान न्यायाधीश एवं न्यायमूर्ति एजी मसीह की पीठ की ओर से दिए गए 31 जुलाई के फैसले से सामने आई है। शीर्ष अदालत ने दोहराया कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला करते समय विधानसभा अध्यक्ष एक न्यायाधिकरण के रूप में कार्य करते हैं और इसलिए उन्हें संविधान के तहत प्राप्त छूट नहीं मिलती है। दसवीं अनुसूची दलबदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधानों से संबंधित है।

Register Now

शेयर करे:

संबंधित पोस्ट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में उठाए जा रहे मुद्दे पर बयान देने को तैयार हैं। सरकार की ओर से गृह मंत्री के संसद

स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार में मंत्री राजेश नागर के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा और जुबां पर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ करते हुए देश के युवाओं से नशे के खिलाफ एक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया वीडियो संदेश देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आंदोलन के दौरान अभद्र भाषा

हमसे संपर्क करें