केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि ‘वंदेमातरम्’केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने इस गीत के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसे महान कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में रचा था, और रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया। स्वतंत्रता संग्राम में यह गीत भारतीयों के मन में देशभक्ति की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम बना और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। आज़ादी के बाद इसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ और यह भारत की एकता और गौरव का प्रतीक बन गया।
भाजपा फरीदाबाद ने ‘वंदेमातरम्‘ की 150वीं वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई। जिला कार्यालय ‘अटल कमल’ में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भारत माता की जय और देशभक्ति गीतों से गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सभी उपस्थित लोगों से स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई और कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी संकल्प पत्र भरकर आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भाजपा जिला अध्यक्ष पंकज पूजन रामपाल ने कहा, “वंदेमातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा का स्वर है। यह गीत आज़ादी की लड़ाई में राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने वाला था, जिसने लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरित किया और अंग्रेज़ों के साम्राज्य को हिलाकर रख दिया। इसके 150 वर्ष पूरे होने पर हम गर्व महसूस करते हैं। भाजपा इसे एक राष्ट्रभक्ति आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएगी।”
रामपाल ने यह भी घोषणा की कि फरीदाबाद जिले के प्रत्येक मंडल में वंदेमातरम् का सामूहिक वाचन किया जाएगा। इसके अलावा, युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए सेमिनार, प्रदर्शनी और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाएंगे।
कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा, भाजपा जिला महामंत्री चौधरी प्रवीण गर्ग, वज़ीर सिंह डागर, राजबाला सरधाना (महिला मोर्चा अध्यक्ष), हरेन्द्र भडाना (जिला उपाध्यक्ष), तरनजीत सिंह भाटिया (जिला सचिव), विनोद गुप्ता (मीडिया प्रभारी), राज मदान (कार्यालय सचिव) सहित अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि ‘वंदेमातरम्’केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने इस गीत के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इसे महान कवि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में रचा था, और रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया। स्वतंत्रता संग्राम में यह गीत भारतीयों के मन में देशभक्ति की भावना जागृत करने का सशक्त माध्यम बना और कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। आज़ादी के बाद इसे राष्ट्रगीत का दर्जा प्राप्त हुआ और यह भारत की एकता और गौरव का प्रतीक बन गया।
भाजपा फरीदाबाद ने ‘वंदेमातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई। जिला कार्यालय ‘अटल कमल’ में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा परिसर भारत माता की जय और देशभक्ति गीतों से गूंज उठा। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने सभी उपस्थित लोगों से स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई और कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी संकल्प पत्र भरकर आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।