नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए ‘समुद्र मंथन’ मिशन को मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर ₹84,084 करोड़ खर्च किए जाएंगे।सरकार का लक्ष्य समुद्र में तेल और प्राकृतिक गैस की खोज को तेज़ करना है, ताकि भारत की आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सके। इस मिशन के तहत आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अपतटीय (Offshore) क्षेत्रों में नए ऊर्जा भंडार खोजे जाएंगे।सरकार का मानना है कि इस योजना से घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। साथ ही, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिशन सफल रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत तेल और गैस उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ा सकेगा।